भीषण गर्मी ,,यात्रियों का आवागमन ठप पारसनाथ मधुबन में पसरा सन्नाटा।
भीषण गर्मी है पारा 40% पार है तीर्थ यात्री हैं नही मधुबन पारसनाथ में पसरा सन्नाटा है।
जैन तीर्थ स्थल पारसनाथ मधुबन समेत आस पास की एक बड़ी आबादी के लिए मधुबन शिखरजी कोई उद्योगिक केंद्र से कम नही है। मधुबन पारसनाथ की वंदना हेतु आने वाले जैन तीर्थयात्री से स्थानीय दुकानदार समेत डोली मजदूर गोदी मजदूर वाहन आदि को मूलतः रोजगार मिलता है ।
वहीं मधुबन में संचालित बड़े व छोटे संस्था भी जैन यात्रियों पर निर्भर है जिसमे प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मजदूर कार्यरत हैं।
इस वर्ष लंबे समय से पारसनाथ मधुबन आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिला है यही वजह है कि स्थानीय मजदूर ही नही छोटे छोटे कई व्यवसाय करने वाले आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
चारो ओर सन्नाटा पसरा हुआ है मधुबन की दुकानें ज्यादातर बंद पड़ी है संस्था के भीतर मंदिर खाली हैं बड़ी बड़ी इमारतें यात्रियों की बाट जोह रही है।
डुमरी गिरिडीह मुख्य मार्ग से लगभग 05 किलोमीटर कट लाइन में स्थित है जैन तीर्थस्थल पारसनाथ मधुबन।
डुमरी गिरिडीह मुख्य मार्ग से कट लाइन में स्थित होने के वजह से आम लोगों के आवागमन से मधुबन जुड़ा नही है।
दर्शन वंदन व ट्रेक के लिहाज से लोग पारसनाथ की ओर जाते हैं या तो फिर मधुबन की खूबसूरत इमारत या मंदिर देखना हो तभी जाते हैं।













