प्रेमदीप फिजियोथेरेपी अस्पताल बोडो, गिरिडीह में सुपर सिटिजन एवं प्रशासनिक मरीज का बिल्कुल फ्री में इलाज

गिरिडीह जिला अंतर्गत प्रेमदीप अस्पताल बोडो में दिल्ली के सुप्रसिद्ध एवं नेशनल अवार्ड से सम्मानित डॉ अमरदीप कुमार के द्वारा जनहित मरीजों को ध्यान में रखते हुए इलाज के लिए बड़े शहर दिल्ली को छोड़कर अब छोटे से शहर/कस्बा गिरिडीह में जनसेवा देने का फैसला लिया है और प्रेमदिप फिजियोथेरेपी अस्पताल बोडो गिरिडीह में अवस्थित इलाज के लिए तत्परता दिखाते हुए सुपर सिटिजन मरीज़ के लिए फिस के आधा किमत पर इलाज दे रहें हैं और प्रशासनिक मरीज का फिस बिल्कुल फ्री कर दिया है जिससे लोगों में खुशी दिख रहा है, वहीं गरीब, लाचार, विवश मजदूर मरीजों पर डॉ अमरदीप हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं और लोग यहां से ठीक हो कर घर ख़ुशी ख़ुशी वापस जा रहे हैं, डॉ अमरदीप ने बताया कि बहुत जल्द आयुष्मान कार्ड से इलाज किया जाएगा पर इसके लिए थोड़ा और समय लगेगा, प्रभात मंत्र संवाददाता जितेन्द्र कुमार वर्मा ने डॉ अमरदीप कुमार से बात चीत के दौरान बताया कि प्रेमदीप फिजियोथेरेपी अस्पताल में मुख्य रूप से सेटिका, घुटने, जोडो का दर्द, सुजन, गठीया, कमर, पीठ, कंधे का दर्द, हड्डी बढ़ने से एडी में दर्द एवं सुजन, बच्चों का जन्मजात लकवा और मंद बुद्धि, गर्दन हिलाने में दर्द, अकडन, आंख, मुंह, चेहरे का लकवा, रीढ की हड्डी की तकलीफ़, सियाटिका (कमर से एडी तक दर्द व खिंचाव) शरीर का लकवा (स्ट्रीक एवं पारालिसिस) किसी भी ऑपरेशन जोड प्रत्यारोपण के पश्चात फिजियोथेरेपी, खेल सम्बंधित मांसपेशियों में चोट एवं मोच, महिलाओं में गर्भावस्था व प्रसव के बाद होने वाला कमर व पैरों का दर्द, लिगामेंट, कार्टिलेज, टेडन, मांसपेशियों की चोट ओर मोच, हाथ एवं पैरों में झुनझुनाहट एवं सुन पान, फ्रेक्चर के पश्चात आने वाला कड़ापन, सूजन दर्द व अन्य तकलीफे का लेजर थेरेपी, इलेक्ट्रॉ थेरेपी , केपींग थेरेपी एक्साइज थेरेपी, चिरोपरेटिक एवं ओसटेओपाथी का इलाज एवं भर्ती ले कर मरीज़ को अब गिरिडीह में ही ठीक किया जा रहा है जिससे मरिजों को यहां वहां भाग दौड़ नहीं करना पड़ता और परेशानी से बच रहें हैं तथा भारी भरकम फीस से बचत हो रहा है, डॉ अमरदीप कुमार ने बताया कि प्रेमदिप फिजीयोथेरेपी अस्पताल में डॉ पुजा शर्मा एवं डॉ वेजांती कुश्म समय समय आ कर मरीज़ को देखने का कार्य करती है जिससे मरिजों में कोई परेशानी नहीं होता, डॉ अमरदीप ने बताया की अस्पताल में मरीजों को देखने का समय सुबह 6 बजे से 9 बजे तक एवं 4 बजे दोपहर से देर रात तक सेवा देता हूं जिससे मरिजों व परिजनों में समन्वय स्थापित रहता है और दुर दराज से इलाज करवा कर ठीक हो कर यहां से जा रहें हैं, इस मौके पर डॉ. वेजांती कुश्म, डॉ. पुजा शर्मा, संजीत कुमार, अर्पना कुमारी, संजना बत्रा, मेघा, रवि इत्यादि लोग मौजूद थे।












