भारत बंद के सरिया की सड़कों पर भी दिखा असर।
सरिया
9जुलाई को सरिया स्थित झंडा चौक पर भाकपा माले के मजदूर संग़ठन झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा ने अखिल भारतिय हरताल में शामिल होकर रांची दुमका मुख्य मार्ग को जाम किया। केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने मोदी सरकार लेबर कोड वापस लो की माांग पर इस हड़ताल का आह्वान किया जिसे छात्र-युवा संगठनो,स्कीम वर्कर्स,अन्य मजदूर यूनियनों ने समर्थन किया है। झामस ने भी सरिया के सड़कों पर मजदूर किसानों के पक्ष में सड़क जाम किया।सरिया काली मंडा परिसर से झंडा चौक तक मार्च करते हुए लोगों ने जमकर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगाए वहीं झंडा चौक पर घंटों सड़क को जाम कर सभा की गयी।सभा को संबोधित करते हुए राज्य कमिटी सदस्य भोला मंडल ने कहा कि देश के मजदूरों ने बड़ी बड़ी लड़ाइयों, हड़तालों और अपनी जान की कुर्बानी के जरिए अपने अधिकार हासिल किए हैं।केंद्र सरकार ने नए चार श्रम कोड लाकर मजदूरों को उनकी अधिकारों से वंचित करने का षडयंत्र किया है।इन्हें अध्ययन करेंगे तो हम पाएंगे कि उनके लागू होने से मजदूर और उनकी यूनियन पहले से सभी विशिष्ट एवं आम अधिकारों से वंचित हो जाएगी इसके साथ ही यह श्रम संहिता मजदूरों के यूनियन बनाने के अधिकार, यूनियन ऑन के हड़ताल के अधिकार, मजदूरों के कार्य स्थल पर सुरक्षा की गारंटी, मजदूरों के स्वास्थ्य और बीमा के अधिकारों पर हमला करती है या संहिताएं औद्योगिक विवादों में मजदूरों के पक्ष में खड़ा होने की बात तो दूर है तटस्य भी नहीं है मालिकों को अतिरिक्त अधिकारों से लैस करती है।हम आज मजदूरों के देशव्यापी आम हड़ताल का पूरी शिद्दत से समर्थन करते हैं एवं मजदूरों की हक की लड़ाई में हर कदम पर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को संकल्पित हैं और इससे बड़ी आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हैं।
वही इंकलाबी नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष सोनू पांडे ने कहा आज सत्तर दिनों से अधिक हो गए है बगोदर के पांच प्रवासी मजदूर नाइजर में अपहरण कर लिए गए है जिनका कोई अता पता नही चल रहा है। इस आम हड़ताल के माध्यम से क्रेंद्र सरकार से मांग करते है जल्द से जल्द अधिकारीयो का एक टीम नाइजर भेजा जाए और प्रवासी मजदूरों की सकुसल वापसी करवाई जाए। लोकसभा चुनाव के दौरान देश के प्रधानमंत्री मोदी जी चुनाव प्रचार में जब बगोदर आये थे उन्होंने कहा था गिरिडीह और कोडरमा वालो के लिए मैं ही एमपी हु मैं ही पीएम हु वक्त आ गया है कि वो अपना वादा निभाए और प्रवासी मजदूरों की वापसी करवाए। साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए केंद्रीय कानून बनाई जाए। मौके पर प्रखंड सचिव लालमणि यादव, धानेश्वर पासवान, रेणु रवानी, महेंद्र मंडल,जिम्मी चौरसिया, महेंद्र पंडित,समीम अंसारी,शुदामा राम,राहुल राज मंडल,विनोद मंडल,महेश मंडल,अक्षय यादव,खुश कुमार ,अमन पांडेय, सुबित मंडल आदि सैकड़ो की संख्या में लोग शामिल थे।













